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Saturday, 19 September 2026
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यूपी में 3,095 करोड़ से बनेंगी 36 सड़कें, टेंडर की तैयारी शुरू

व्यय वित्त समिति की दो बैठकों में मंजूरी, 200 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाएं अब कैबिनेट जाएंगी।

निर्माणाधीन सड़क पर काम करती मशीनें और हेलमेट पहने इंजीनियर

उत्तर प्रदेश में 36 नई सड़क परियोजनाओं के लिए 3,095 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की दो बैठकों में यह मंजूरी दी गई।

इन मार्गों के काम के लिए पीडब्ल्यूडी जल्द निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया में जुट गया है। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि सड़कों की हालत दुरुस्त रखने के लिए व्यापक स्तर पर काम कराया जाएगा।

जिन परियोजनाओं को हरी झंडी मिली, उनमें सबसे छोटी 25 करोड़ रुपये और सबसे बड़ी 665 करोड़ रुपये की है। इनमें से जिन परियोजनाओं की लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक है, उन्हें अब स्वीकृति के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।

10 सितंबर की बैठक में 21 परियोजनाएं

समिति की 10 सितंबर को हुई बैठक में लोक निर्माण विभाग की 21 परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। इस सूची में सोनभद्र से पांच, सीतापुर, देवरिया, चित्रकूट और लखनऊ से दो-दो तथा मीरजापुर, महाराजगंज, बांदा, वाराणसी, झांसी, लखीमपुर खीरी और संभल से एक-एक सड़क है।

इसी बैठक में पशुपालन क्षेत्र की परियोजनाओं को भी वित्तीय स्वीकृति दी गई। मेडिसिन स्टोर और कूलिंग रूम सहित चार पशु चिकित्सालय, एक ब्लॉक स्तरीय पशु चिकित्सालय तथा एक प्राइमरी पशु चिकित्सालय के निर्माण को मंजूरी मिली।

17 सितंबर को 15 सड़कों को हरी झंडी

इसके बाद 17 सितंबर की बैठक में समिति ने गोरखपुर की तीन, गोंडा की छह, एटा की एक, सीतापुर की एक, सोनभद्र की एक, देवरिया की एक और वाराणसी जिले की दो सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी। दोनों बैठकों को मिलाकर कुल 36 सड़कों पर मुहर लगी।

सड़कों के अलावा फर्रुखाबाद में जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनाने के लिए मथुरा और सोनभद्र को भी धनराशि की मंजूरी दी गई है।

बीडा से जुड़ी 10 परियोजनाएं

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के तहत कानपुर देहात, प्रयागराज, फतेहपुर, हमीरपुर और झांसी में बीडा के विकास से जुड़ी 10 परियोजनाओं को भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

अब अगला चरण टेंडर प्रक्रिया का होगा, जिसकी तैयारी लोक निर्माण विभाग कर रहा है। बड़ी लागत वाली परियोजनाओं के लिए कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार रहेगा।

With inputs from Amar Ujala